विज्ञापन

शक्ल दोनों की एक सी है

Anil Bharadwaj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहीं पूजा है तो ये कहीं पै इबादत है,
        
                                                    
                            
कहीं पै स्वप्न है ये कहीं पै हकीकत है,
शक्ल दोनों की एक सी है मगर नाम अलग,
कहीं ये प्रेम है तो कहीं पै मोहब्बत है।
- अनिल भारद्वाज एडवोकेट 
4 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all