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प्यार का पहला सावन

Anil Bharadwaj

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                            याद आता है जब वो प्यार का पहला सावन।
        
                                                    
                            
लगे श्रृंगार गीत प्यार का पहला सावन,

अनछुई बदली पहली बार छुई बादल ने,
रात की बात बताई थी सुबह काजल ने,
चांदनी उतरी लजाती हुई चंदा मिल से,
घटा की ओट में चुंबन लिया था चंदा ने।

गीत गाती है घटा थिरकने लगता मधुवन,
याद आता है जब वो प्यार का पहला सावन।

सोने के दिन थे और चांदी सी थीं वो रातें,
चुरा के नींद ले गईं मिलन की वो बातें,
प्यासे भंवरे ने होट अधखिली कली के छुए,
चमन में होने लगी सितारों की बरसातें।

याद जब आता प्यार में वो भीगता सावन।
किसी की याद दिलाता है बरसता सावन।

याद आता है जब वो प्यार का पहला सावन।
लगे श्रृंगार गीत प्यार का पहला सावन,
- अनिल भारद्वाज 
4 महीने पहले
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