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बारिश की रात सुहानी

Anil Bharadwaj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बरसाती है याद पुरानी
        
                                                    
                            
ये बारिश की रात सुहानी।

कभी तेज बौछारें बनकर
गोरी मस्त फुहारें बनकर,
बारिश की ये बूंदें आतीं
झिलमिल तारों में से छन कर।

जाने किसके इंतजार में
जागा करती प्रेम दीवानी।

ये बारिश की रात सुहानी।

झूम झूम कर बादल आते
फिर रिमझिम के गीत सुनाते,
लोक नृत्य करती बीजुरिया
नभ में मेघ मृदंग बजाते।

चांद चांदनी की लिखती है
भीगी भीगी प्रेम कहानी।

ये बारिश की रात सुहानी।

 
2 महीने पहले
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