बरसाती है याद पुरानी
ये बारिश की रात सुहानी।
कभी तेज बौछारें बनकर
गोरी मस्त फुहारें बनकर,
बारिश की ये बूंदें आतीं
झिलमिल तारों में से छन कर।
जाने किसके इंतजार में
जागा करती प्रेम दीवानी।
ये बारिश की रात सुहानी।
झूम झूम कर बादल आते
फिर रिमझिम के गीत सुनाते,
लोक नृत्य करती बीजुरिया
नभ में मेघ मृदंग बजाते।
चांद चांदनी की लिखती है
भीगी भीगी प्रेम कहानी।
ये बारिश की रात सुहानी।
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