लेकर के संकल्प ह्रदय में
आओ करें प्रकृति श्रृंगार,
धरती को दुल्हन सा सजाकर
व्यक्त करें उसका आभार ।
वृक्ष लगाएँ, फूल खिलाएँ
जग को गुलशन सा महकाएँ,
करके हरियाली बंजर में भी
वसुधा को हम स्वर्ग बनाएँ ।
प्रेम वृद्धि करने को प्रकृति से
जागरुकता अभियान चलाएँ,
स्वच्छ करें जगती वितान को
शुद्ध वायु का आनंद पाएँ ।
करके तरुओं का संरक्षण
पर्यावरण को करें गुलजार,
मुक्त प्रदूषण से हो जहाँ
आए खुशियों की बौछार ।
लेकर के संकल्प ह्रदय में
आओ करें प्रकृति श्रृंगार,
मेहनत से सारा जनमानस
कर दे हरा भरा संसार ।
- आनंद प्रताप सिंह
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