चंदा तेरी राह निहारे चकोर
मन में अंधेरा छाया घनघोर
पपीहे की बुझे न प्यास
जागे न कोई आस
सन्नाटा भी करे शोर
चंदा तेरी राह निहारे
चांदनी , बड़ी घबराए
जो तेरा दीदार न पाए
जुगनू से सितारों से कैस
खुद को बहलाए
हो कर बैरन पिया सा
कहे तू सताए
मन में अंधेरा छाया घनघोर
वो चंदा सामने भी जा
तुझको मेरी सौ !!