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तह ए दिल का मुश्किल है संभलना ।

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस पार तो , जग सुना , सुना आसमा हुआ
        
                                                    
                            
जब से ख़ुदा बेरहम हुआ
बोझ से हुईं , सांसों की तार
खुद से भी मैं खुद ही लापरवाह हुआ
हर घड़ी उलझन सी रही मन में ,
ज़िंदगी भी बोझिल हुई
जाने कब होगा जाना उस पार
हो सकें तो यारो मुझको माफ करना
किसकी हसरतें होती है
नगमा गमगीन प्रस्तुत करना
हसीं होठों पे आती ही नहीं
आंखों से नमी जाती ही नहीं
वरना हम भी कभी खुशमिजाज हुआ
करते थे , हंसते थे गाते थे
अब तह ए दिल का मुश्किल है
संभलना !!
4 महीने पहले
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