गोपियों के मन बसने वाले सावले सलोने
राधा के प्रियतम प्यारे मान भी जाओ ना
मै रूठूं तो कोई बात होती
रूठना नारी की खासियत है होती
देखो प्रियतम उल्टी धारा तुम बहाओं ना
प्रियतम प्यारे मान भी जाओ ना
सुख - दुख में दोगे तुम साथ
वादा वफ़ा का निभाओगे दिन रात
फिर कैसी तेरी ये दिलदारी
तेरा ऐसे रूठना पढ़ रहा मुझको भारी
प्रियतम प्यारे मान भी जाओ ना
गोपियों के मन बसने वाले सावले सलोने
राधा के प्रियतम प्यारे मान भी जाओ ना
-अनामिका