विज्ञापन

मोबाइल का ज़माना

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मोबाइल में विश के दो शब्दों ने
        
                                                    
                            
अपनों को अजनबी तो अजनबियों को अपना
बना दिया ।
एक दौर था जब घर पर , दादा - दादी
माता - पिता , चाचा - चाची ,
सब के बच्चे एक साथ एक घर में
रहा करते थे
एक चूल्हे पे बनता था भोजन
समय बदला , दादा - दादी गांव
में रह गए माता - पिता , चाचा - चाची
कमाने खाने अलग - अलग शहरों में
बस गए।
तीज त्योहार में मिलना हुआ तो ठीक नहीं
तो मोबाइल तो है विश कर दिया
पर इस विश ने अपनों से अपनों
को कितना दूर कर दिया।
अगर मोबाइल नहीं होता तो
मिलने जाते एक साथ मिलकर
तीज त्योहार मनाते ।
वहीं इस मोबाइल ने एक अजनबी को
दूसरे अजनबी के कितने करीब ला दिया
गुड मॉर्निंग विश से गुड नाईट तक
और दूसरे मौकों पर विश कर के
दिल खुशी से झूम जाता है
जैसे कि वो अजनबी बिल्कुल करीब हो
वाह क्या कहने मोबाइल के !!
6 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dr fouzia

6854 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

613 कविताएं

View Profile

Prasoon Saxena

966 कविताएं

View Profile