सबने कहा आआ .....इसने आदत बुरी लगा ली है
लबों से बस छू के पैमाने को लौटा नहीं ये
इसने तो ओ शराब की लत लगा ली है
किसी ने मगर ये न पूछा कि क्यू आखिर क्यू
तुमने ये शराब हलक से उतार ली है
ये तो वही जाने जिस पे बीती , ये तो वही जाने
बाकी तो लोग हैं , लोग कुछ तो कहेंगे ही ।
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