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किसे मानू समृद्धि

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            समृद्धि मन की मानू , या तन की समृद्धि
        
                                                    
                            
मेट्रो की चकाचौंध में डूबी समृद्धि
गांव में लहलाती खेतों में व्याप्त समृद्धि
बाल - सुलभ के चेहरों पे मुस्कुराती समृद्धि
दुल्हन के मांग में दमकती , हाथों रची उसके सुंदर
भविष्य की समृद्धि
सीमा में तैनात वीर - जवानों के त्याग की रौशनी
से निखरती देश की सुरक्षा की समृद्धि
नेताओं की ताना साही और बड़े व्यापारियों के
भ्रष्टाचार में लिपटी उनके ऊंचे महलों की समृद्धि
गरीब लोगों के बासी भात खा कर धूप में उनके
पसीनो में भीगी समृद्धि
घर पे बड़े - बुजुर्गो के आशीष से पाई हुई समृद्धि
हर एक के जीवन की उतार - चढ़ाव से भरी
समृद्धि !!
3 महीने पहले
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