खाली बर्तन करता शोर , ये कहावत बिल्कुल
सही है , क्योंकि ज्ञान बैठ के बांटना बहुत आसान है
पर सवाल ये भी है क्या ज्ञान बांटने वाले ने खुद
उसमें अमल किया
खुद के जी जंजालों से यारो फुर्सत नहीं
फिर कैसे इतना समय निकाल लेते है
अगर समय का सदुपयोग कर ले वे तमाम लोग
तो उनका भी भला हो कुछ वे दूसरों का भी भला
कर सकेंगे !