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जब जुबां न बोले

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब जुबां न बोले , तुम मेरी खामोशी को पढ़ लेना !
        
                                                    
                            
शिद्दत है कितनी मुझे इस पे न कोई भरम करना !!
टूट कर तुमको चाहा है मगर चाहत का मिलना
न मिलना मुकद्दर का खेल है सनम !
इस जमीं में जो न मिले तो आसमा में मिल लेना !!
8 महीने पहले
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