आंखों में जो झलका रहा है
सांसों में जो महक रहा है
सीने में जो धड़का रहा है
जनम तेरा प्यार है वो ।
मेरी खामोशी जो बोल रही है
मेरी हंसी जो भेद खोल रही है
सबकी नजरों से नजर चुरा कर।
तुझे देखने की कला जो सीख
ली मैने है
जनम तेरा प्यार है वो
-अनामिका