इक अजीब बात आई मन में
मैं भी अच्छी हूं , आप भी अच्छे हैं
सबको कहते है कि वो भी अच्छे हैं
फिर बुराई किसने फैलाई
औरत की अस्मिता क्यों आंच आती हैं
भ्रष्टाचार क्यों उत्पन्न हुआ
नाना प्रकार के जालसाज फ़रेब
किसने सीखा दिया
ये कलयुग कैसे आ गया
कोई तो बताए ?