सभी को खुश ख़ुदा भी न कर सका
फिर हमारी बिसात ही क्या थी
जनाज़े पे जा कर कहा , कि इंसान अच्छा था
जिन लोगों ने , उन्हीं लोगों ने
जीते जी न जाने उसकी कितनी बुराई की !!