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बुरा फंसा हम जैसा इंसान करें तो करें क्या ?

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मजनू मिल जाते है अब हर गली हर नुक्कड़ की
        
                                                    
                            
पान की दुकान में
लैला भी अब वो लैला नहीं रही, जिसके के पास हो
चमचमाती गाड़ी जेब में हो हरी पत्ती भरी
तो उसकी हो चली ।

प्रवचन देने वाले भी पार्लर जाके आते है प्रवचन देने
मोह माया से दूर रहो की बात करते है
पर इन्हें प्रवचन देने बुलाने के लिए भी अप्वाइंटमेंट
पड़ते है लेने और लेते मोटी मोटी दक्षिणा ये ।
फिल्मी दुनिया के भी रंग निराले
जो भा जाए उसे लाइम लाइट में ला दिया
न रूप रंग न देखा नक्शा , पर उनकी तो किस्मत
खुल जाती है चाहे उन्हें मातृ भाषा भी नहीं पढ़नी आती है ।
रील बना के लखपति हुए लोग हुए करोड़ पति
इसी रील के चक्कर में कई लोगों की जान भी
चली जाती है ।
भीड़ - भाड़ मोटर कार की सड़कों पर ऐसी
बेचारे ऑटो वालों को कितना घूमकर सवारी ले जाना पड़ता है उतनी कमाई नहीं जितना उनका तेल जलता है
पैदल चलने वालों या बाइक की सवारी करने वाले के तो पूरा बुरा हाल है , देश की यातायात सुरक्षा का
ये हाल है ।
प्राइवेट संस्था के मध्यम कर्मचारी का भी है बुरा हाल
उनका संस्था प्रमुख उनसे बात करता न उनकी योग्यता
अनुसार उन्हें पद देता , क्योंकि यह भी जाति वाद
भाईचारा का होता बोल बाला है ।
माना देश आगे बढ़ रहा , दिखता ऐसा बाहर से
अंदर कोई नहीं झांकता क्योंकि अंदर तो पोल ही पोल है , अगर किसी ने हिम्मत भी दिखाई तो
उनकी बात किसी ने सामने हीं नहीं लाई
बुरा फंसा हम जैसा इंसान करें तो करें क्या ?
3 महीने पहले
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Updesh Kumar

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