हर इक मोहल्ला हर इक गली
हर इक शहर हर इक गांव
एक जैसे लगते है मुझे
वही भीड़ - भाड़
वही भागम - भाग
हर कोई अजनबी हर किसी से
किसको किसकी नहीं पड़ी
बस इक रफ़्तार से दौड़ती ज़िंदगी
न पहले जैसे भाव बाकी न बाकी भावनाएं