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अकेलापन की व्यथा

Anamika singer

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं अकेला ही काफ़ी हूं
        
                                                    
                            
लोग कहते है कभी - कभी
इक बात बताए वे लोग मुझे
किस अकेलेपन की बात तुम करते हो
गहरी निशा की तन्हाई का
अकेलापन सहा कभी ,
महफ़िल की भीड़ में तुम तन्हा हुए कभी
देखा मैंने अकेले में रील बनाते
खुद के लिए जिया करिए
कभी अकेले भी निकला करिए
बड़ी - बड़ी बातें करते हुए लोग
शानो शौकत से बसर करने वाले
इन्हें पैसों की तंगी का अकेलापन क्या
होता है पता भी है
जन्म दे कर छोड़ देते
लावारिश बच्चे का अकेलापन
कभी किसी ने महसूस किया है
विधवा के अकेलेपन कौन समझ सका है
बुजुर्ग मां - बाप का अकेलापन
उनकी आंखों से बहता है
बोलिए किसने देखा है
बटुए में रुपैया जब हो भरा
तो अकेले होने में भी है मज़ा
गरीबी का अकेलापन जी कर
देखिए सहाब तब समझ आ जाएगा
अकेलापन कहलाता है कैसी सज़ा !!
5 महीने पहले
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