विज्ञापन

क्या आज क्या कल

Amber Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहने को जो आज है,
        
                                                    
                            
वो बन जायेगा कल,

एक अनदेखा भविष्य है,
एक गुज़रा हुआ है कल,

आज जैसा कुछ रहता नहीं,
कि बस रह जाता है कल,

एक लौटा नहीं एक आया नहीं,
पर हर ज़िक्र में शामिल है कल,

रहता कुछ भी हमेशा नहीं,
फिर आज हो या कल।
-अम्बर श्रीवास्तव।
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all