विज्ञापन

तुम पास नहीं मेरे

Aman

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम पास नहीं लेकिन तस्वीर तुम्हारी है
        
                                                    
                            
हर शाम इन आँखों ने नम हो के गुज़ारी है

वीरान हवेली का क्या हाल बताएँ हम
सुनसान दरीचों तक मायूसी ही तारी है

अब चाँद सितारों से गुफ़्तार हुई मुश्किल
तन्हाई के रस्ते पर ख़ामोश सवारी है

दिल भीगता रहता है उम्मीद की बारिश में
इस इश्क़ में जाने-जाँ पल-पल यूँ ख़ुमारी है

तहरीर मेरी आख़िर तस्कीन नहीं देती
इक अश्क ‘अमन’ दिल का अल्फ़ाज़ पे भारी है
 
8 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Pandit Chandradutt

2866 कविताएं

View Profile

Rajani Shakyawar

54 कविताएं

View Profile

TATA VENKAT SRINIVAS

24 कविताएं

View Profile