जीवंत प्रेम है मुक्ति मार्ग
जिंदा दिल ही करते हैं
जो मुर्दा हैं निकृष्ट मार्ग
प्रेम को हाला कहते हैं
कालजयी है प्रेम मार्ग
राधा राम रमणते राम
कालातीत यह मुक्ति मार्ग
दिखलाता है असंख्य मार्ग
मिले नटवर नागर मीरा को
राह दिखाया प्रेम मार्ग
वैविध्य वेश दिखाता अपना
भक्ति प्रेम का मिलन मार्ग
सत्य सनातन के अभिराम
मिले तुलसी को राजाराम
होता चेतना का सन्मार्ग
प्रेम यही था भक्ति मार्ग
शंकर का अद्वैत मार्ग
ईश्वर अचिंत्य निराकार
ममत्व हीन, वह था अव्यक्त
माया से हो वह पूर्ण व्यक्त
दिगमंडल का वह दिक मार्ग
प्रेम का है यह ज्ञान मार्ग
-अमन पाल