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दो बोल बोलिये तो मगर सोच समझ कर

Alok Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस जहान में यहाँ जितने फकीर हैं
        
                                                    
                            
शायद किसी भी शाह से ज्यादा अमीर हैं

कहते हैं कैद इनमें है तकदीर सभी की
रब ने हथेली में खींच दी लकीर हैं

बंदा खुदा का आप उनको ही मानिये
जिन्दा तंग हाल में जिनके ज़मीर हैं

मोहन के रंग में मगन मीरा बना वही
तोड़ दी पाँव की जिसने जंजीर हैं

दो बोल बोलिये तो मगर सोच समझ कर
आलोक कलेजे में उतरते ये तीर हैं
-आलोक
6 घंटे पहले
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Manju Sharma

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