विज्ञापन

अध्यात्म पर दोहे

AL Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सतगुण तमगुण और रज, से चालित संसार।
        
                                                    
                            
चौथा गुण जो जान ले, बेड़ा उसका पार।।
-अशर्फी लाल मिश्र
अकबरपुर, कानपुर
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10736 कविताएं

View Profile