चांद की तरह घटता हूं बढता हूं
कि मैं भी चांद की तरह घटता हूँ बढ़ता हूँ,
मैं वैसा नहीं हूं जैसा दिखता हूँ,
मुझे नहीं छू सकती "हवा" जो चल रही है,
क्यूंकि, मैं तेरे नाम का ताबीज लिए फिरता हूँ।