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तेरे नाम का ताबीज लिए फिरता हूं

Akhilesh Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चांद की तरह घटता हूं बढता हूं
        
                                                    
                            

कि मैं भी चांद की तरह घटता हूँ बढ़ता हूँ,
मैं वैसा नहीं हूं जैसा दिखता हूँ,
मुझे नहीं छू सकती "हवा" जो चल रही है,
क्यूंकि, मैं तेरे नाम का ताबीज लिए फिरता हूँ।

 
3 महीने पहले
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