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मेरे दिल का हाल कन्हैया तुम क्या जानोगे

Akhilesh Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मेरे दिल का है क्या हाल, कन्हैया तुम क्या जानोगे,
        
                                                    
                            
तुम क्या जानोगे, कन्हैया तुम क्या जानोगे,
हां तुम क्या जानोगे कन्हैया तुम क्या जानोगे,
तुम्हें माखन का है ख्याल, कन्हैया तुम क्या जानोगे।
मेरे दिल का है---

हम जानते हैं मोहन, तुम गायं चराते हो,
तुम गायं चराते हो,और वंशी बजाते हो,
हां गायं चराते हो और वंशी बजाते हो,
तुम गयियन के गोपाल, कन्हैया तुम क्या जानोगे।
मेरे दिल का है---

हम जानते हैं मोहन, तुम माखन को चुराते हो,
माखन को चुराते हो, फिर नखरे दिखाते हो,
हां माखन को चुराते हो, फिर नखरे दिखाते हो,
तुम करते हो बड़े सवाल, कन्हैया तुम क्या जानोगे।
मेरे दिल का है---

हम जानते हैं मोहन, तुम कपड़े चुराते हो,
तुम कपड़े चुराते हो,पनघट पर जाते हो,
हां कपड़े चुराते हो पनघट पर जाते हो,
तुम करते हो हाल-बेहाल, कन्हैया तुम क्या जानोगे,
मेरे दिल का है---

हम जानते हैं मोहन, तुम रास रचाते हो,
तुम रास रचाते हो, सखियों को रिझाते हो,
हां रास रचाते हो सखियों को रिझाते हो,
तुम रसिया हो गोपाल, कन्हैया तुम क्या जानोगे,
मेरे दिल का है---

हम जानते हैं मोहन, तुम बरसाने में आते हो,
तुम बरसाने में आते हो,और नाच दिखाते हो,
हां बरसाने में आते हो,और नाच दिखाते हो,
तुम नचकाने हो नंदलाल, कन्हैया तुम क्या जानोगे।
मेरे दिल का है क्या हाल, कन्हैया तुम क्या जानोगे,
तुम क्या जानोगे कन्हैया तुम क्या जानोगे,
हां तुम क्या जानोगे कन्हैया तुम क्या जानोगे,
तुम्हें माखन का है ख्याल कन्हैया तुम क्या जानोगे।
मेरे दिल का है---

अखिलेश शुक्ला,खुटार,
शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
 
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