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तस्वीरों में

Akash Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उसने मुझे मजाक में पागल कह दिया
        
                                                    
                            
फिर हमने शरिको से रिश्ता तोड़ लिया
ये हमारी ना समझी है उस गली गए
वो मिला फिर उसने मुंह मोड़ लिया

क्या करे हमें कुछ नहीं सुझाता
एक बात जो हमेशा दिल दुखाता
हमीं नहीं जो ग़म में रहते है
जो उससे मिला आँख से पानी छोड़ दिया

बेपरवाह हवा ने मुझे बिगाड़ दिया है
यूं ही मुझे आसमान पर चढ़ा दिया है
मैं तारे छूने ही वाला था कि
मेरी माँ ने मुझे ख़्वाब से उठा दिया है

हम डूबे तो समंदर ने किनारे नहीं आने दिया
रूठे तो फिर होठों पर फसाने नहीं आने दिया
एक वक्त हुआ उसने मुझे देखा नहीं
हमने भी खुदको कभी तस्वीरों में आने नहीं दिया
-ऐ .के. गौतम
एक दिन पहले
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