विज्ञापन

फ़रिश्ते

Akansha Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वैसे तो फ़रिश्ते आसमां में होते हैं,
        
                                                    
                            
मगर मैंने इस जहां में देखा हैं।।

फ़रिश्ते तो हर ख्वाब को पूरा करते हैं,
ये पूरे होते मैंने इस जहां में देखा हैं।।

सत्य हैं फ़रिश्ते रात में आते हैं,
मगर मैंने हमेशा अपने पास देखा हैं।।

फ़रिश्ते वो होते हैं जो हर दुआ कुबूल करते हैं
मेरी भी हर दुआ कुबूल होती हैं।।
क्योंकि
मैंने फ़रिश्ते को अपने माता-पिता में देखा हैं।
मैंने फ़रिश्ते को अपने माता-पिता में देखा हैं।(आंकाक्षा सिन्हा)
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kamlesh ranjan

1 कविता

View Profile