अधूरेपन से पूर्णता तक
ख़्वाब अधूरे, सपने अधूरे,
ज़िंदगी के कई क़िस्से-कहानियाँ अधूरी।
जीवन के गीत,
जीवन के संगीत,
जीवन की हर नज़्म अधूरी।
मिल जाओगे जब तुम,
तो सब कुछ हो जाएगा पूरा।
नहीं रहेगा तब ज़िंदगी का
कोई भी कोना अधूरा।
क्योंकि मैं तुम्हारे बिना अधूरा हूँ,
और मेरे बिना तुम अधूरी हो।
— अजयकुमार