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ये माँ की ममता

Afroz A

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ के जैसी मोहब्बत कोई नहीं करता...
        
                                                    
                            
माँ की ममता के सामने कोई नहीं टिकता।।

प्यार के नाम पर होता उल्टा सीधा छलावा...
माँ की सच्ची ममता है बाकी सब दिखावा।।

माँ के आगे सच में दुनिया झुकती है...
इस की सिर्फ सच्ची मोहब्बत दिखती है।।

प्यार इश्क और मोहब्बत नज़र तो आती है...
लेकिन ये सब की सब बाज़ारों में बिकती है।।

कोई भी इंसान अंदर की आत्मा से पूछे...
सिर्फ और सिर्फ माँ की ही ममता दिखे।।

क्योंकि जो माँ देती है अपने बच्चों को जन्म...
वो माँ कभी नहीं चाहती इन बच्चों को दें गम।

ख़ून का आंसू पीती है माँ हर मुश्किल में...
फिर भी उफ तक नहीं करती है माँ सच में।।

सच्ची ममता है माँ के दिल इस अंग अंग में..
सच का मिसाल कायम करती माँ हर घर में।।

परिवार में किसी को कुछ ना पड़ी रहती...
लेकिन मां को बच्चों की फिक्र ज़रूर होती।।

क्योंकि मां का ख़ून है बच्चों के रग रग में...
माँ की ममता तो आएगी ही माँ के दिल में।।

माँ जो कर दे वो दुनियां करने को सोचेगी...
माँ कितनी हिम्मत रखती है दाग देनी होगी।।

माँ के हाथों का पकवान सबका फीका हैं...
हम नें खा कर बहुत अच्छे से उसे चखा है।।

माँ की ममता के सामने कोई नहीं टिका है...
मैंने आंखों से दिल में महसूस कर के देखा है।।

माँ तो माँ होती है कभी नहीं रोने देती है...
ख़ुद को छिप के रो लेती सामने मुस्कुराती है।
2 वर्ष पहले
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