किस्मत का सिक्का अक्सर वहीं चलता है,
जहाँ आपके कर्म आपकी कहानी लिखते हों।
कर्म से ऊपर कोई पहिया नहीं।
कर्म अगर अच्छे हैं, तो किस्मत का सिक्का हमेशा आपका रहेगा।
कर्म आपकी सफलता तय करते हैं।