विज्ञापन

पक्षी श्रृंगार करना तुम ।।

Abhishek Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रभात के साथ आती हो,
        
                                                    
                            
संसार के लिए वरदान तुम,
हल्की आवाज सा हो,
बड़ी गरजदार भी तुम।।

दे दो आकर एक दिन का,
मैं भी गगन तक साथ चलूं,
सिखलाना हमको भी,
पक्षी श्रृंगार करना तुम ।।
23 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

UMAKANT SHARMA

281 कविताएं

View Profile