प्रभात के साथ आती हो,
संसार के लिए वरदान तुम,
हल्की आवाज सा हो,
बड़ी गरजदार भी तुम।।
दे दो आकर एक दिन का,
मैं भी गगन तक साथ चलूं,
सिखलाना हमको भी,
पक्षी श्रृंगार करना तुम ।।
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