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बस इंतज़ार है वक़्त का जब तराशा जाऊँगा

Abhishek Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जानता हूँ मैं कि कोयले का वो नूर हूँ,
        
                                                    
                            
जिसके आगे आज सारे हीरे भी फीके लगते हैं।
बस इंतज़ार है वक़्त का जब तराशा जाऊँगा,
सरकारी जो मिल गई,
तो कोहिनूर लगूँगा!
एक महीने पहले
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