शिक्षक वही कहलाता है।
जिनके पास ज्ञान का भंडार हो,
शिष्य के प्रति समर्पण अपार हो,
उनके उज्ज्वल भविष्य की चिंता हर बार हो,
सभी को समान दृष्टि से देखता हो—
शिक्षक वही कहलाता है।
शिष्य के भीतर अच्छे गुण जगाता हो,
कौशल देकर उन्हें रोजगारपरक बनाता हो,
हर व्यक्ति का सम्मान करना सिखाता हो,
सही और गलत में अंतर समझाता हो—
शिक्षक वही कहलाता है।
शिष्य को सर्वगुण-संपन्न बनाता हो,
हर प्रकार के ज्ञान से परिचय कराता हो,
उसे संस्कारों से परिपूर्ण बनाता हो,
स्वयं तपकर लक्ष्य की राह दिखाता हो—
शिक्षक वही कहलाता है।
जो अज्ञान का अंधकार मिटाता हो,
जीवन में ज्ञान का दीप जलाता हो,
गिरते हुए शिष्य को संभालना सिखाता हो,
और उसे सफलता की ओर बढ़ाता हो—
शिक्षक वही कहलाता है।