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ह्रदय सरगम

Aarti Bajaj

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तुम्हारी बातों का
असीम सम्मोहन सा जादु
अंतर्मन के तार को
अनन्त प्रेमपाश में
बाँध देता है
जहाँ तुम्हारे गुनगुनाते
गीतों की स्वर लहरियाँ को
मेरा ह्रदय सरगम
तन्मय हो
भावो की बहती रसधार में
लीन हो प्रीत की
सहस्त्र फुहारों में भीग
मन की हताशा को
हर लेता है ..
और ले जाता है
आनंद की अनुभूतियों में

- आरती बजाज ‘मन’
वापी-गुजरात

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