आज उन से मुलाक़ात होगी!
अन-कही अन-सुनी बात होगी!!
जब तलक वो मिरे साथ होगी!
संग ख़ुशियों की बारात होगी!!
उन की पलकों तले दिन उगेगा!
उन की ज़ुल्फ़ों तले रात होगी!!
आज दिल उन का मैं जीत लूॅंगा!
आज बद-बख़्ती की मात होगी!!
उन की ज़ुल्फ़ों का लहराना 'परवेज़'!
झूम के आज बरसात होगी!!
- आलम-ए-ग़ज़ल परवेज़ अहमद