विज्ञापन

सर्जिकल स्ट्राइक

विनय कुमार अवस्थी

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जाकर सीमा पार, पाक को मारा घुसकर।
        
                                                    
                            
देखी भारत शक्ति, तभी से बैठा चुपकर।।
एक बार लो देख, कारगिल में तू आकर।
तेरा मरा जवान, लाश तो ले लो जाकर।।

विनय कुमार अवस्थी
राजपुर, देहरादून

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Prasoon Saxena

972 कविताएं

View Profile