विज्ञापन

जब तक साथ है

Bhola Singh

Mai Inka Mureed
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            जब तक साथ है हर गुस्ताखी कर लो
        
                                                    
                            
रूठो मनाओ माफी कर लो
मेरे प्यार के सागर से अपना ये पल्लू भर लो
मेरे खुशी का वस्ता ना सही अपने अरमानों को पूरा कर लो
अभी है मेरा साया साथ खेलो अम्बर को धर लो
अभी है तुम पर मरने वाला चाहो तो अरमां कर लो
हमने दिया तुमहे सब कुछ क्या हक है मेरे पर लो
मैं छोड़ चला अब ये दुनिया तुम सब कुछ मेरा रख लो
कहती थी मर जाऊँगी तुम बिन चाहोतो रुख कर लो
जीना मरना है तुमको अर्पन गर चाहो तो जीवन जी लो

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all