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शाद अज़ीमाबादी  के 10 मशहूर शेर...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  ग़ज़ल और शायरी एक नाजुक और कोमल कला है। उर्दू शायरी से शाद अज़ीमाबादी इश्क़ पवित्र और उच्च है। आइये पढ़ते हैं उनके कुछ शेर- 

दिल है किधर खिंचा हुआ, महव है किसकी याद में 
क्या कहें इसकी वजह हम, तर्क हुई नमाज क्यों 

यही है धुन कि तेरी जलवागाह में जाकर 
हजार आंखें हों और सबसे यार को देखें 
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...कि मुद्दत में यह असर आया 

हज़ार शुक्र कि मुद्दत में यह असर आया 
लिया जो नाम तेरा, दिल में तू उतर आया 

खामोशी से मुशीबत और संगीन होती है 
तड़प ऐ दिल तड़पने से ज़रा तसकीन होती है 

...वो मस्त निगाहों से बार-बार

देखा किये वो मस्त निगाहों से बार-बार 
जब तक शराब आये कई दौर हो गये 

बचा के हाथ अलग-से-अलग सुबू लेते
क्या मजाल कि साकी का हाथ छू लेते

बुराई भी दिल में आई 'शाद'

अगर किसी की बुराई भी दिल में आई 'शाद'
हमें तो अपनी ही नीयत से ख़ुद हिजाब आया

हश्र में जो है, वो लेता है कदम झुक झुककर
आज देखें कोई रुत्बा तेरे दीवाने का

जाहिद से जब सुनो तो...


जाहिद से जब सुनो तो जबां पर है जिक्रे हूर
नीयत हुई खराब तो ईमान कब रहा ?

जवाब है कहीं इस हद की बदगुमानी का 
कि मिटने वाले मिटे और मिटा न शक तेरा 

साभार : शेर-ओ-सुखन (भारतीय ज्ञानपीठ)
8 वर्ष पहले
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Sanjay

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