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'खूबसूरत आवाज़' और ये 20 बेहतरीन शेर...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  'आवाज़' तो सन्नाटे की भी होती है, जुदाई की भी और दिल की भी, बस उसको समझने और महसूस करने के अंदाज़ बदल जाते हैं। शायरी में हर एक आवाज़ को आप बख़ूबी समझ सकते हैं। पेश है आवाज़ पर शायरों के कलाम- 

ये भी एजाज़ मुझे इश्क़ ने बख़्शा था कभी 
उस की आवाज़ से मैं दीप जला सकता था 
- अहमद ख़याल

मेरी आवाज़ तुझे छू ले बस इतनी मोहलत
तेरे कूचे से गुज़र जाऊँगा साधू की तरह
- कृष्ण बिहारी नूर
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सुकून मिलता है दो लफ्ज़ काग़ज़ पर उतार कर,
कह भी देता हूँ और आवाज़ भी नहीं आती
-अज्ञात

छुप गए वो साज़-ए-हस्ती छेड़ कर
अब तो बस आवाज़ ही आवाज़ है
- मजाज़ लखनवी

बस तू मेरी आवाज़ से आवाज़ मिला दे
फिर देख कि इस शहर में क्या हो नहीं सकता
- मुनव्वर राना

किसने सोचा था कि ख़ुद से मिल कर
अपनी आवाज़ से डर जाना है
- नवनीत शर्मा

दिल के गुंजान रास्तों पे कहीं
तेरी आवाज़ और तू है अभी
- अदा जाफ़री

दिल की आवाज़ से नग़में बदल जाते हैं,
साथ ना दें तो अपने बदल जाते हैं
- अज्ञात

यादों तन्हाई से बातें करती हैं
सन्नाटा आवाज़ बदलता रहता है
- ज़का सिद्दीक़ी

हर लफ्ज़ हर आवाज़ को सुनते हैं,
चलों आज तन्हाई से बात करते हैं
- अज्ञात

कोई आवाज़ पे आवाज़ दिए जाता है
आज सोता ही तुझे छोड़ के जाना होगा
- जाँ निसार अख़्तर

हृदय के द्वार पर रह रह के देता है कोई दस्तक
बराबर ज़िंदगी आवाज़ पर आवाज़ देती है
- नज़ीर बनारसी

दिल में सोए हुए नग़्मों को जगाना है अगर
मेरी आवाज़ में आवाज़ मिलाते चलिए
- नौशाद अली

मोहब्बत सोज़ भी है साज़ भी है 
ख़मोशी भी है ये आवाज़ भी है 
- अर्श मलसियानी

काश की लम्हे भर के लिये रुक जाये ज़मीं की गर्दिशें,
और कोई आवाज़ ना हो तेरी धड़कनों के सिवा
- अज्ञात

ज़ोर से साँस जो लेता हूँ तो अक्सर शब-ए-ग़म
दिल की आवाज़ अजब दर्द भरी आती है
- बशीरुद्दीन अहमद देहलवी

पलट के देख लेना जब दिल की आवाज सुनाई दे,
तेरे दिल के अहसास में शायद मेरा चेहरा दिखाई दे
- अज्ञात

मुझ को आवाज़ पे आवाज़ दिए जाती है
इक सुलगती हुई सिगरेट का बलखाता धुआँ
- निदा फ़ाज़ली

कौन है ये भी सुझाई नहीं देता मुझ को
सिर्फ़ सन्नाटे की आवाज़ चली आती है
- जाँ निसार अख़्तर

चीख़ता था मगर आवाज़ न थी
मौत लहराती थी सौ शक्लों में
- कैफ़ी आज़मी
 
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