सोलहवें ज़ीने पे सूरज था 'उबैद'
जनवरी की इक सलोनी शाम थी
- एजाज़ उबैद
यकुम जनवरी है नया साल है
दिसम्बर में पूछूँगा क्या हाल है
- अमीर क़ज़लबाश
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जनवरी का महीना जो आ कर गया
फिर नए साल की इब्तिदाई कर गया
- हैदर बयाबानी
दीवारों पर नए कैलेंडर नए मनाज़िर होंगे
दौड़ी दौड़ी आई जनवरी बॉय दिसम्बर बाबा
- अब्दुर्रहीम नश्तर
ऐ जाते बरस तुझ को सौंपा ख़ुदा को
मुबारक मुबारक नया साल सब को
-मोहम्मद असदुल्लाह
न शब ओ रोज़ ही बदले हैं न हाल अच्छा है
किस बरहमन ने कहा था कि ये साल अच्छा है
-अहमद फ़राज़
सफ़र का एक नया सिलसिला बनाना है
अब आसमान तलक रास्ता बनाना है
- शहबाज़ ख़्वाजा
नए साल में पिछली नफ़रत भुला दें
चलो अपनी दुनिया को जन्नत बना दें
- अज्ञात
फिर आ गया है एक नया साल दोस्तो
इस बार भी किसी से दिसम्बर नहीं रुका
- अज्ञात
मुबारक मुबारक नया साल आया
ख़ुशी का समाँ सारी दुनिया पे छाया
- अख़्तर शीरानी