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गुलजार के जीवन से जुड़ी 10 अहम बातें...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  हिंदी फिल्मों में अपने गीतों से इश्क का गुलशन महकाने वाले गुलजार का जन्म 18 अगस्त 1936 को दीना, जिला झेलम पाकिस्तान में हुआ था। प्रमुख कृतियां पुखराज, एक बूंद चांद, चौरस रात, रवि पार, कुछ और नज़्में, यार जुलाहे आदि हैं।    
                                                              
                  

                    
                                        
                         
                                                                                   
                            
                         
                                                            
                                
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कवि, गीतकार और फिल्म निर्देशक हैं...

गुलज़ार का पूरा नाम संपूरण सिंह कालरा है। त्रिवेणी छंद के सृजक हैं। कवि, गीतकार और फिल्म निर्देशक हैं। इनके पिता  का नाम माखन सिंह कालरा और मां का नाम सुजान कौर था।

गुलजार ने कार मैकेनिक का कार्य किया...

विभाजन बाद गुलजार का परिवार भारत आ गया। मुंबई के वर्ली में अपने संघर्ष के दिनों में गुलजार ने कार मैकेनिक का कार्य किया।

बेटी मेघना का 13 दिसंबर 1973 को जन्म हुआ...

फिल्म अभिनेत्री राखी से विवाह किया। बेटी मेघना का 13 दिसंबर 1973 को जन्म हुआ। मेघना जब महज 1 साल की थी तब से राखी और गुलजार अलग हो गए। इनके बीच हालांकि तलाक नहीं हुआ।

कभी-कभी फिल्म में राखी ने गुलजार को...

कभी-कभी फिल्म में राखी ने गुलजार को बिन बताए कार्य किया। दोनों के बीच मनमुटाव की यह भी एक बड़ी वजह थी।

गुलजार का पहला गीत 'मोरा गोरा अंग लै ले'...

गुलजार का पहला गीत 'मोरा गोरा अंग लै ले' बिमल राय की फिल्म बंदिनी से था। इसके अलावा फिल्म सदमा से ऐ जिंदगी गले लगा ले, आंधी से तेेरे बिना जिंदगी से, गोलमाल से आने वाला पल जाने वाला है, खामोशी से हमने देखी हैं आंखों से, मासूम से तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, परिचय से मुसाफिर हूं यारों, थोड़ी सी बेवफाई से हजार राहें मुड़ के देखी आदि अन्य नगमें हैं।

कोशिश, परिचय, अचानक, आंधी, खुश्बू...

आनंद, गुड्डी, बावर्ची, नमक हराम, दो दूनी चार, खामोशी, सफर की कहानी लिखी। इसकेे अलावा फिल्म मेरे अपने के निर्माता रहे। कोशिश, परिचय, अचानक, आंधी, खुश्बू, मौसम, अंगूर, लिबास, माचिस, हू तू तू आदि फिल्में भी बनाई।

तहरीर मुंशी प्रेमचंद की को भी निर्देशित किया...

1988 में मिर्जा गालिब पर टीवी सीरियल बनाया। जो बहुत चर्चित हुआ। इसके अलावा तहरीर मुंशी प्रेमचंद की को भी निर्देशित किया।

हरियाणवी और मारवाड़ी भाषा पर भी गीत लिखे...

दूरदर्शन में टीवी सीरीज के तहत जंगल बुक, एलिस इन वंडरलैंड, हैलो जिंदगी, गुंछे, पोटली बाबा  आदि के गीत और संवाद भी लिखे। उर्दू और पंजाबी के अलावा ब्रज भाषा, खड़ी बोली, हरियाणवी और मारवाड़ी भाषा पर भी गीत लिखे।

3 नेशनल अवार्ड और 47 फिल्म फेयर अवार्ड मिले...

फिल्म कोशिश, मौसम और इजाजत के लिए 3 नेशनल अवार्ड और 47 फिल्म फेयर अवार्ड मिले। इसके अलावा 2004 में पद्मभूषण, 2013 में दादा साहेब फाल्के अवार्ड मिला।   
 
8 वर्ष पहले
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