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हार तो क्षणिक है हौसला निरंतर रहना चाहिए, पढ़ें शेर और देखें लाइव नतीजे अमर उजाला पर

काव्य डेस्क

Urdu Adab
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जहां प्रतियोगिता है वहां कोई जीतेगा ही और यदि कोई जीत रहा है तो किसी का हारना भी निश्चित है। हार ज़िंदगी के किसी भी मोड़ पर हो सकती है। लेकिन हार क्षणिक है और हौंसला निरंतर है। इसलिए हार से कभी मन को कमज़ोर नहीं करना चाहिए। चूंकि अगर हौंसला रह तो फिर जीता भी जा सकता है।



जीत कर जश्न मनाना तो हुई आम सी बात
हार कर भी तो कभी जश्न मनाओ साहब
- नदीम सिरसीवी


बर्बादियों का सोग मनाना फ़ुज़ूल था
बर्बादियों का जश्न मनाता चला गया
- साहिर लुधियानवी

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बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहो
ऐसा कुछ कर के चलो याँ कि बहुत याद रहो
- मीर तक़ी मीर


ग़म है तो कोई लुत्फ़ नहीं बिस्तर-ए-गुल पर 
जी ख़ुश है तो काँटों पे भी आराम बहुत है 
~कलीम आजिज़

मिल के सब अम्न-ओ-चैन से रहिए
लानतें भेजिए फ़सादों पर
~हीरा लाल फ़लक देहलवी


कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन 
फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर 
~निदा फ़ाज़ली

प्यासो रहो न दश्त में बारिश के मुंतज़िर 
मारो ज़मीं पे पाँव कि पानी निकल पड़े 
~ इक़बाल साजिद


यक़ीन हो तो कोई रास्ता निकलता है 
हवा की ओट भी ले कर चराग़ जलता है 
~मंज़ूर हाशमी

'कैफ़' पैदा कर समुंदर की तरह 
वुसअतें ख़ामोशियाँ गहराइयाँ 
~कैफ़ भोपाली


भँवर से लड़ो तुंद लहरों से उलझो
कहाँ तक चलोगे किनारे किनारे
- रज़ा हमदानी
2 वर्ष पहले
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