छठ का पर्व सूर्य को समर्पित पर्व है और पूरे चार दिन तक मनाया जाता है। बिहार, झारखंड में विशेष रूप से मनाए जाने वाले इस पर्व को कई गीत भी समर्पित हैं, पेश हैं कुछ चुनिंदा गीत
पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार
करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार
सब के बलकवा के दिहा, छठी मईया ममता-दुलार
पिया के सनईहा बनईहा, मईया दिहा सुख-सार
नारियल-केरवा घोउदवा, साजल नदिया किनार
सुनिहा अरज छठी मईया, बढ़े कुल-परिवार
घाट सजेवली मनोहर, मईया तोरा भगती अपार
लिहिएं अरग हे मईया, दिहीं आशीष हजार
पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहर
करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार
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केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके
केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके
हो करेलु छठ बरतिया से झांके ऊंके
हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी
हम तोसे पूछी बरतिया ऐ बरितया से केकरा लागी
हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
हमरो जे बेटवा पवन ऐसन बेटवा से उनके लागी
हमरो जे बेटवा पवन ऐसन बेटवा से उनके लागी
हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी
हे करेलू छठ बरतिया से उनके लागी
अमरुदिया के पात पर उगेलन सुरूज मल झांके झुके
अमरुदिया के पात पर उगेलन सुरूज मल झांके झुके
हे करेलु छठ बरतिया से झांके झुके
हे करेलु छठ बरतिया से झांके झुके
हम तोसे पूछी बरतिया ए बरितिया से केकरा लागी
हम तोसे पूछी बरतिया ए बरितिया से केकरा लागी
हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी
हे करेलू छठ बरतिया से केकरा लागी