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'चाय' पर कहे गए शेर

deepali agrawal

Kavya Charcha
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चाय की प्याली में नीली टेबलेट घोली
सहमे सहमे हाथों ने इक किताब फिर खोली
- बशीर बद्र


आज फिर चाय बनाते हुए वो याद आया
आज फिर चाय में पत्ती नहीं डाली मैं ने
- तरुणा मिश्रा

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सामने रख के चाय की प्याली
चुस्की चुस्की तिरी कमी चक्खी
- नाहीद अख़्तर बलूच


चाय पीना तो इक बहाना था
आरज़ू दिल की तर्जुमानी थी
- ईमान क़ैसरानी

ठंडी चाय की प्याली पी के
रात की प्यास बुझाई है
- रईस फ़रोग़


आज मौसम भी ख़ूब ठहरा है
एक चाय का कप बनाओ तो
- सफ़ीया चौधरी

सख़्त सर्दी में चाय ऑर्डर की
हम ने मौसम से ले लिया बदला
- ईमान क़ैसरानी


चाय में उस के पिस्ताँ थे
मेरा बदन पानी में था
- आदिल मंसूरी

हम इतनी गर्म-जोशी से मिले थे
हमारी चाय ठंडी हो गई थी
- ख़ालिद महबूब


शब ढली उठने लगे होटल से लोग
चाय का ये दौर इस के नाम पर
- नासिर शहज़ाद

तेरी टेंशन में पीना भूल गई
चाय तो सामने रखी हुई थी
- ज़हरा क़रार


हम जहाँ चाय पीने जाते थे
क्या वहाँ अब भी आया करते थे
- वसी शाह

तेरे हाथ की चाय तो पी थी
दिल का रंज तो दिल में रहा था
- नासिर काज़मी 

5 वर्ष पहले
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