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बेवफ़ाई: मोहब्ब्त के दर्द को बयां करते 20 बेहतरीन शेर...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  इश्क़, वफा और ईमान का मिश्रण ही नहीं है, बेवफ़ाई के किरदार भी प्रेम कहानियों में कई मोड़ देते है।  उर्दू और हिंदी शायरी अग़र मोहब्बत के हर्फों से फटी पड़ी है तो बेवफ़ाई की मौजूदगी को भी शायरों ने नज़रअंदाज नहीं किया है। पेश है 'बेवफ़ाई' पर शायरों के अल्फ़ाज़- 

आशिक़ी में बहुत ज़रूरी है
बेवफ़ाई कभी कभी करना
- बशीर बद्र

दिल भी तोड़ा तो सलीक़े से न तोड़ा तुम ने
बेवफ़ाई के भी आदाब हुआ करते हैं
- महताब आलम
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जो मिला उस ने बेवफ़ाई की...

इस क़द्र मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की
आज पहली बार उससे मैंने बेवफ़ाई की
- अहमद फ़राज़

जो मिला उस ने बेवफ़ाई की
कुछ अजब रंग है ज़माने का
- मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी

काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएं तो क्या करें
उस बेवफ़ा को भूल न जाएं तो क्या करें
- अख़्तर शीरानी

तुम किसी के भी हो नहीं सकते

कुछ तो मजबूरियां रही होंगी
यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता
- बशीर बद्र

नहीं शिकवा मुझे कुछ बेवफ़ाई का तिरी हरगिज़ 
गिला तब हो अगर तू ने किसी से भी निभाई हो 
- ख़्वाजा मीर 'दर्द'

तुम किसी के भी हो नहीं सकते
तुम को अपना बना के देख लिया
- अमीर रज़ा मज़हरी

रात बजती थी दूर शहनाई

आदतन तुमने कर लिए वादे
और आदतन हमनें ऐतबार कर लिया
- गुलज़ार

हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में 
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया 
- गुलज़ार

रात बजती थी दूर शहनाई
रोया पीकर बहुत शराब कोई
- जावेद अख़्तर

अब तो कुछ भी याद नहीं है

आज उस ने हंस के यूं पूछा मिज़ाज
उम्र भर के रंज-ओ-ग़म याद आ गए
- एहसान दानिश

अब तो कुछ भी याद नहीं है
हम ने तुम को चाहा होगा
-मज़हर इमाम

इश्क़ में कौन बता सकता है
किस ने किस से सच बोला है
-अहमद मुश्ताक़

बेवफ़ा कहने की शिकायत है

बे-वफ़ा आदमी बे-वफ़ा ज़िंदगी
जानता है अगर दिल लगाता है क्यूँ
- आसिफ़ा ज़मानी

बेवफ़ा कहने की शिकायत है
तो भी वादा-वफ़ा नहीं होता
- मोमिन ख़ाँ मोमिन

दुनिया समझ रही है उसे बेवफ़ा मगर
रस्ते से उठ गया है वो घर तो नहीं गया
- तारिक़ नईम

टूट कर हम भी मिला करते थे

मेरा इश्क़ भी ख़ुद-ग़रज़ हो चला है
तेरे हुस्न को बेवफ़ा कहते-कहते
- हसरत मोहानी

ये क्या कि तुम ने जफ़ा से भी हाथ खींच लिया 
मेरी वफ़ाओं का कुछ तो सिला दिया होता 
- अब्दुल हमीद अदम

टूट कर हम भी मिला करते थे
बेवफ़ा तुम भी कहाँ थे पहले
- अज़हर इनायती
5 वर्ष पहले
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