आम बजट में शेर-शायरी के जरिए वित्त मंत्री अपनी घोषणाओं को उचित ठहराते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री तथा पूर्व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने भी अपने बजटीय भाषण में शेर-शायरियों का उल्लेख किया था। वित्त मंत्री अरुण जेटली का यह चौथा आम बजट हैं। अब तक जेटली ने 2015, 16 तथा 17 में आम बजट पेश किया है। तीनों बजट के दौरान जेटली ने बीच-बीच में शेर कहे हैं। लिहाजा इस बार भी 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में जेटली उर्दू के कुछ और बेहतरीन शेर कह सकते हैं। जेटली द्वारा पिछले तीन सालों में बजट के दौरान कहे गए शेर हम अपने पाठकों के लिए पेश कर रहे हैं।
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इस मोड़ पर घबराकर न थम जाइए आप
जो बात नई उसे अपनाइए आप
डरते हैं नई राह पर क्यूं चलने से
हम आगे आगे चलते हैं आइए आप
नई दुनिया है, नया दौर है, नई है उमंग
कुछ थे पहले के तरीके, तो कुछ है आज के रंग ढंग
कश्ती चलाने वालों ने जब हार कर दी पतवार हमें,
लहर लहर तूफान मिलें और मौज-मौज मझधार हमें,
फिर भी दिखाया है हमने और फिर ये दिखा देंगे सबको,
इन हालातों में आता है दरिया करना पार हमें
कुछ तो फूल खिलाये हमने
और कुछ फूल खिलाने हैं,
मुश्किल ये है बाग में
अब तक कांटें कई पुराने हैं