ताज तेरे लिए इक मज़हर-ए-उल्फ़त[1] ही सही
तुझ को इस वादी-ए-रंगीं से अक़ीदत[2] ही सही
मेरी महबूब कहीं और मिला कर मुझ से
बज़्म-ए-शाही[3] में ग़रीबों का गुज़र क्या मअनी
सब्त[4] जिस राह में हों सतवत-ए-शाही[5] के निशां
उस पे उल्फ़त भरी रूहों का सफ़र क्या मअनी
मेरी महबूब पस-ए-पर्दा-ए-तश्हीर-ए-वफ़ा[6]
तू ने सतवत[7] के निशानों को तो देखा होता
मुर्दा-शाहों[8] के मक़ाबिर[9] से बहलने वाली
अपने तारीक[10] मकानों को तो देखा होता
अन गिनत लोगों ने दुनिया में मोहब्बत की है
कौन कहता है कि सादिक़[11] न थे जज़्बे उन के
लेकिन उन के लिए तश्हीर[12] का सामान नहीं
क्यूंकि वो लोग भी अपनी ही तरह मुफ़्लिस[13] थे
ये इमारात ओ मक़ाबिर[14] ये फ़सीलें[15] ये हिसार[16]
मुतलक़-उल-हुक्म[17] शहंशाहों की अज़्मत[18] के सुतूं[19]
सीना-ए-दहर[20] के नासूर हैं कोहना[21] नासूर
जज़्ब है उन में तेरे और मेरे अज्दाद[22] का ख़ूं
मेरी महबूब उन्हें भी तो मोहब्बत होगी
जिन की सनाई[23] ने बख़्शी है उसे शक्ल-ए-जमील[24]
उन के प्यारों के मक़ाबिर रहे बेनाम-ओ-नुमूद
आज तक उन पे जलाई न किसी ने क़ंदी[25]ल
ये चमन-ज़ार[26] ये जमुना का किनारा ये महल
ये मुनक़्क़श[27] दर ओ दीवार ये मेहराब ये ताक़
इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर
हम ग़रीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़
मेरी महबूब कहीं और मिला कर मुझ से
1. प्यार का वादा 2.श्रद्धा 3. राजा की सभा 4.शिलालेख,अंकित,उत्कीर्ण 5.राजसी महिमा/गौरव/वैभव 6.वफ़ा के दिखावे के पर्दे के पीछे 7.महिमा,भय, ताक़त 8.मृत राजा 9.मक़बरे 10. अंधेरा 11.ईमानदार, वफ़ादार 12.प्रचार, मशहूर करना,विज्ञापन 13.ग़रीब,निर्धन 14. इमारतें और मक़बरे 15. क़िले के आसपास की दीवार 16.क़िला,महल 17.सर्वोच्च कमान,सर्वोच्च शक्ति, स्वतंत्र, संपूर्ण 18. इज़्ज़त,सम्मान 19. खंभा, स्तंभ 20.दुनिया का सीना 21.प्राचीन, पुराना 22.पूर्वज 23.दस्तकारी,शिल्प कौशल 24.अद्भुत वास्तुकला 24 बिना किसी नाम और पहचान के 25.जिसमें चिराग़ जलाकर लटकाते हैं,लालटेन, छत का रौशनदान 26. बग़ीचा, घास का मैदान,चारागाह 27.उकेरना/तराशना, रंगीन, चित्रित