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गीतकार प्रसून जोशी की 5 कविताएं...

काव्य डेस्क

Irshaad
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                                                  लड़कियां हर क्षेत्र में नाम रौशन कर रही हैं। पीवी सिंधु, साक्षी मलिक और दीपा करमाकर के शानदार प्रदर्शन ने भारतीयों का सीना गर्व से कई इंच फुला दिया।

लड़कियों को लेकर समाज का जो नज़रिया है उस पर प्रसून जोशी की ये कविता झकझोर कर रख देती है।

प्रसून जोशी की आवाज़ में सुनिए कविता- 


पढ़िये पूरी कविता - 

शर्म आ रही है ना...

शर्म आ रही है ना 
उस समाज को 
जिसने उसके जन्म पर 
खुल के जश्न नहीं मनाया 

शर्म आ रही है ना 
उस पिता को 
उसके होने पर जिसने 
एक दिया कम जलाया 

शर्म आ रही है ना 
उन रस्मों को उन रिवाजों को 
उन बेड़ियों को उन दरवाज़ों को 

शर्म आ रही है ना 
उन बुज़ुर्गों को 
जिन्होंने उसके अस्तित्व को 
सिर्फ़ अंधेरों से जोड़ा 

शर्म आ रही है ना 
उन दुपट्टों को 
उन लिबासों को 
जिन्होंने उसे अंदर से तोड़ा 

शर्म आ रही है ना 
स्कूलों को दफ़्तरों को 
रास्तों को मंज़िलों को 

शर्म आ रही है ना 
उन शब्दों को 
उन गीतों को 
जिन्होंने उसे कभी 
शरीर से ज़्यादा नहीं समझा 

शर्म आ रही ना 
राजनीति को 
धर्म को 
जहाँ बार बार अपमानित हुए
उसके स्वप्न 

शर्म आ रही है ना 
ख़बरों को 
मिसालों को 
दीवारों को 
भालों को 

शर्म आनी चाहिए 
हर ऐसे विचार को 
जिसने पंख काटे थे उसके 

शर्म आनी चाहिए 
ऐसे हर ख़याल को 
जिसने उसे रोका था 
आसमान की तरफ़ देखने से

शर्म आनी चाहिए 
शायद हम सबको 

क्योंकि जब मुट्ठी में सूरज लिए
नन्ही सी बिटिया 
सामने खड़ी थी 
तब हम उसकी उँगलियों से 
छलकती रोशनी नहीं
उसका लड़की होना देख रहे थे

उसकी मुट्ठी में था आने वाला कल 
और सब देख रहे थे मटमैला आज 
पर सूरज को तो धूप खिलाना था 
बेटी को तो सवेरा लाना था 

और सुबह हो कर रही 


साभार - प्रसून जोशी के फेसबुक पेज से
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इतना क्यों सोते हैं हम

प्रसून जोशी

2014 में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अन्ना हज़ारे के आंदोलन के समय प्रसून जोशी ने ये कविता लिखी।

सुनिए प्रसून जोशी की कविता उन्हीं की आवाज़ में,

इतना क्यों सोते हैं हम


साभार - प्रसून जोशी के फेसबुक पेज से

बहन अक्सर भाई से बड़ी होती है 

प्रसून जोशी

भाई बहन का रिश्ता अनोखा होता है। प्रसून की ये कविता बताती है कि आख़िर बहन भाई से छोटी भी है तो बड़ी होती है!

सुनिए प्रसून जोशी की कविता उन्हीं की आवाज़ में, 

बहन अक्सर भाई से बड़ी होती है 

 साभार - प्रसून जोशी के फेसबुक पेज से

बारूद जब बच्चा था 

प्रसून जोशी

प्रसून जोशी की कविता सुनिये उनकी आवाज़ में, 

बारूद जब बच्चा था 


साभार - प्रसून जोशी के फेसबुक पेज से
 

उत्तराखंडी लोकगीत

prashun joshiPC: अमर उजाला

भारत सरकार के अभियान इनक्रेडेबल इंडिया के लिए प्रसून जोशी ने एक उत्तराखंडी लोकगीत खुद गाया है।

सुनिये ये उत्तराखंडी लोकगीत प्रसून जोशी की आवाज़ में, 


साभार - प्रसून जोशी के फेसबुक पेज से
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